Breaking News

ट्रोजन APK से बैंक खातों से ठगी करने वाला अंतरराज्यीय साइबर गिरोह बेनकाब, दो आरोपी गिरफ्तार

Bolta Sach News
|
Trojan APK defrauds bank accounts

बोलता सच,वाराणसी। Uttar Pradesh Police की साइबर क्राइम टीम ने ट्रोजन और एसएमएस फॉरवर्डर आधारित एपीके फाइल भेजकर लोगों के बैंक खातों से पैसे उड़ाने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो आरोपियों को Andal Railway Station से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से छह आईफोन, नौ एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1,52,100 रुपये नकद बरामद किए हैं।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

पुलिस के अनुसार 5 जनवरी 2026 को Ramnagar थाना क्षेत्र के मछरहट्टा निवासी अनूप गुप्ता ने Cyber Crime Police Station Varanasi में शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से 8,38,402 रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में मुकदमा संख्या 02/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और Information Technology Act, 2000 की धारा 66डी में केस दर्ज किया गया। मामले की जांच प्रभारी निरीक्षक Udaybir Singh कर रहे थे।

अंडाल रेलवे स्टेशन से हुई गिरफ्तारी

इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल के अंडाल रेलवे स्टेशन से दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नागेश्वर मंडल (30) और अक्षय मंडल उर्फ पिंटू (24) के रूप में हुई है। दोनों फिलहाल पश्चिम बंगाल के पश्चिमी बर्धमान जिले के अंडाल क्षेत्र में रह रहे थे, जबकि उनका मूल निवास झारखंड के Jamtara जिले में है, जो साइबर अपराध के लिए कुख्यात माना जाता है।

ऐसे करते थे साइबर ठगी

पुलिस के अनुसार आरोपी बैंक और आरटीओ चालान भुगतान से संबंधित फर्जी डिजिटल फ्लायर तैयार कर लोगों को भेजते थे। इसके साथ एक कूटरचित एपीके फाइल भी भेजी जाती थी। जैसे ही कोई व्यक्ति उस एप्लीकेशन को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करता था, उसका मोबाइल एक्सेस और आने वाले सभी एसएमएस ठगों तक पहुंच जाते थे। इसके बाद आरोपी एसएमएस बॉम्बर के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को मैसेज भेजकर भ्रम की स्थिति पैदा करते थे और पीड़ित के बैंक खाते से पैसे निकाल लेते थे।

ठगी की रकम टेलीग्राम बॉट के जरिए म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी और बाद में कार्डलेस पेमेंट के माध्यम से नकद निकाल ली जाती थी।

पहले से दर्ज है मामला

पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी नागेश्वर मंडल के खिलाफ झारखंड के Jamtara स्थित साइबर क्राइम थाने में भी धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में पहले से मामला दर्ज है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।


इसे भी पढ़े : दिल्ली शराब नीति मामले में हाईकोर्ट की अहम सुनवाई, केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 को नोटिस; ED केस की सुनवाई पर रोक

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Reply