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यूपी में मतदाता सूची पुनरीक्षण: 2.80 करोड़ मतदाताओं के दस्तावेज सही, 10 अप्रैल को जारी होगी अंतिम सूची

Bolta Sach News
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Voter list revision in UP
बोलता सच,लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच की गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Navdeep Rinwa ने शनिवार को लोकभवन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि नोटिस पाने वाले 2.80 करोड़ मतदाताओं के दस्तावेज सही पाए गए हैं और उनके नाम मतदाता सूची में बरकरार रहेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी Navdeep Rinwa ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को चिन्हित किया गया था, जिनमें से 3.06 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजा जा चुका है। इनमें से 2.80 करोड़ मतदाताओं की सुनवाई पूरी कर ली गई है और उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज सही पाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्राप्त दावों और आपत्तियों पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है। छह मार्च तक लगभग 86 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी कर ली गई है। शेष मामलों की सुनवाई 27 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद 10 अप्रैल को प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान राजनीतिक दलों की ओर से भी कुछ शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार कुल 92 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें सबसे अधिक 75 शिकायतें Samajwadi Party की ओर से दर्ज कराई गईं, जबकि Bharatiya Janata Party ने आठ शिकायतें दर्ज कराईं। उन्होंने बताया कि इन सभी शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है।
इस अभियान के दौरान नए मतदाताओं के पंजीकरण को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा गया। कुल 86.69 लाख लोगों ने फॉर्म-6 भरकर नए मतदाता बनने के लिए आवेदन किया। इनमें 43,06,364 पुरुष और 43,62,323 महिलाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 57,03,989 युवाओं ने भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया।
इसके अलावा 3,18,140 लोगों ने अपने नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म-7 भरा, जबकि 22,55,473 लोगों ने नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8 के जरिए आवेदन किया। वहीं 4,540 अप्रवासी भारतीय मतदाताओं ने फॉर्म-6ए के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के एजेंटों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। नए नाम जोड़ने के लिए एजेंटों की ओर से 40,669 फॉर्म-6 दाखिल किए गए, जबकि नाम हटाने के लिए 1,805 फॉर्म-7 जमा किए गए।
छह मार्च तक प्राप्त आवेदनों के आधार पर कुल 44,952 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इनमें 27,118 नाम एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण के कारण हटाए गए, जबकि 10,014 लोगों ने स्वयं आवेदन देकर अपना नाम हटवाया। इसके अलावा अन्य लोगों की आपत्तियों के आधार पर 7,820 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।
अधिकारियों के अनुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।

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