बोलता सच,मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जालसाजों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 85 वर्षीय बुजुर्ग से 36 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित बुजुर्ग मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (MES) से रिटायर हैं और शाहपुरा थाना क्षेत्र के बागमुगालिया में रहते हैं।
यह घटना 13 से 19 नवंबर 2025 के बीच की बताई जा रही है। ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस, दूरसंचार विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डराया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग में हो रहा है। गिरफ्तारी और संपत्ति कुर्की की धमकी देकर उन्हें पूरी तरह मानसिक दबाव में रखा गया।
जालसाजों ने बुजुर्ग को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखते हुए किसी से संपर्क न करने की हिदायत दी और व्हाट्सएप कॉल के जरिए लगातार निगरानी करते रहे। इस दौरान उनसे दो अलग-अलग खातों में कुल 36 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। ठगों ने भरोसा दिलाया था कि जांच पूरी होने पर रकम वापस कर दी जाएगी, लेकिन पैसे मिलते ही उन्होंने संपर्क तोड़ दिया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब बुजुर्ग के भांजे को उनके व्यवहार पर शक हुआ। उसने उन्हें कमरे में बंद रहकर फोन पर बात करते देखा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद 21 नवंबर को भोपाल क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए, वे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोले गए थे। फिलहाल पुलिस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश में जुटी है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि साइबर ठग किस तरह लोगों को डर और भ्रम में डालकर बड़ी वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी धमकियों से सतर्क रहें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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