सीएम योगी ने बताया कि कौडियाला सरयू नदी हादसे के बाद क्षेत्र का निरीक्षण करने पर यह स्पष्ट हुआ कि लोग बेहद असुरक्षित हालात में जंगलों के बीच रह रहे थे। एक ओर जंगली जानवरों का खतरा था, तो दूसरी ओर नदी में मगरमच्छ और सांपों का डर बना रहता था। उन्होंने कहा कि अब इन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाकर उन्हें आवास, सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
‘सेवा और संवेदना’ की सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल विस्थापन नहीं, बल्कि सम्मानजनक पुनर्वास और उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं करती और हर गरीब, दलित, पिछड़े व जनजातीय परिवार को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि “डबल इंजन सरकार” जाति या संप्रदाय के आधार पर नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना के आधार पर काम करती है।
आर्थिक सहायता और योजनाओं का लाभ
कार्यक्रम में सीएम योगी ने डिजिटल माध्यम से 1 करोड़ 63 लाख 30 हजार रुपये की धनराशि भरथापुर गांव के लोगों के खातों में भेजी। साथ ही वन विभाग की ओर से प्रत्येक परिवार को प्रमाणपत्र और अन्य सहायता सामग्री भी वितरित की गई।
वन ग्रामों का भी होगा विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि कतर्नियाघाट जंगल क्षेत्र के टेड़िया, ढकिया, गोकुलपुर, बिछिया और भवानीपुर गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया गया है। इन गांवों में भी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि कोई भी ग्रामीण विकास से वंचित न रहे। सीएम योगी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर जरूरतमंद परिवार को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन उपलब्ध कराना है।